ख़्वाब से हक़ीक़त


ख़्वाब और हक़ीक़त की गाथा 📖
कुछ हक़ीक़त टालने से नहीं टलते
और कुछ रोकने🧞 से नहीं रुकते
ख़्वाब 🎀की तो पूछो मत

ख़्वाब को हक़ीक़त में डालने
जीवन कुर्बान करती जिंदगी🕊️
हक़ीक़त से हम भली भांति परिचित 🌝हैं
पर ना पहचानने का ढोंग🦎 रचते हैं
ख़्वाब 🌱होके भी हमारा नहीं होता
पर लोगों 🫂की फितरत है
जो उसका है वो सोचे न
उसका है वो हमेशा 🫶
ख़्वाब जो ख़्वाब को पंख 🪽नहीं देते हैं
ख़्वाब जो सबके होके भी किसी के नहीं होते हैं
ख़्वाब को हक़ीक़त 🥹
हक़ीक़त को ख्वाब😊
डालने की मनसा 🙈प्रकट करते हैं
पर वास्तव🎭 में जो हक़ीक़त में
घटना घटती है वो ख्वाबों
की सीढ़िया🌉 होती हैं
जिसे हम वंचित होते हैं 🗿

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